नीमराणा में मासूम का अपहरण, 40 घंटे बाद मथुरा से बरामद; नरबलि की साजिश का शक
नीमराणा, राजस्थान। राजस्थान के नीमराणा में 22 माह के मासूम के अपहरण का मामला सामने आया है। \
बच्चे के अपहरण के पीछे नरबलि की साजिश की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने करीब 40 घंटे तक तलाश की। इसके बाद बच्चे को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब अपहरण के पीछे की वजह और आरोपी की मंशा की जांच कर रही है।
नीमराणा में मासूम का अपहरण, पुलिस ने शुरू की तलाश
जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को 22 माह का कृष्णा नीमराणा में अपने घर के बाहर खेल रहा था।
इसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया। बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। बच्चे की तलाश के लिए अलग-अलग सुरागों पर काम किया गया।
संभावित रास्तों और ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। करीब 40 घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस को बच्चे तक पहुंचने में सफलता मिली।
350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
बच्चे की तलाश के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच की। रिपोर्ट के अनुसार,
करीब 300 से 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
इन फुटेज की मदद से आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की गई।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के उत्तर प्रदेश की ओर जाने की जानकारी मिली।
इसके बाद तलाश का दायरा बढ़ाया गया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद बच्चे को मथुरा जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
मथुरा के काली मंदिर में मिला मासूम
रिपोर्ट के मुताबिक, अपहरण के बाद आरोपी बच्चे को लेकर मथुरा जिले के कोसी कलां क्षेत्र के पास कावर गांव पहुंचा था।
यहां स्थित काली मंदिर में एक स्थानीय साधु ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी।
साधु को स्थिति संदिग्ध लगी। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
इसके बाद 22 माह के कृष्णा को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
इस मामले में बच्चे की सुरक्षित बरामदगी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। साधु की सतर्कता भी अहम साबित हुई।
बिहार के रोहतास जिले का निवासी आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान विवेक कुमार कुशवाह के रूप में हुई है। वह बिहार के रोहतास जिले का निवासी बताया गया है।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे का अपहरण क्यों किया गया था।
इसके साथ ही आरोपी के संपर्कों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
नरबलि की साजिश का शक, अंधविश्वास के एंगल से जांच
इस मामले में कथित नरबलि की साजिश की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।
प्रारंभिक जांच में आरोपी की मंशा को लेकर अंधविश्वास और कथित तांत्रिक गतिविधियों का एंगल सामने आने की बात कही जा रही है।
हालांकि, नरबलि की साजिश की अभी पुष्टि नहीं मानी जानी चाहिए। पुलिस को जांच के दौरान ठोस साक्ष्य जुटाने होंगे।
इसके बाद ही अपहरण के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
नीमराणा अपहरण मामले में बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के बाद पुलिस की जांच जारी है।
अब आरोपी की भूमिका, अपहरण के मकसद और कथित नरबलि की साजिश के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल, मामले में सामने आए आरोपों और आशंकाओं को जांच का विषय माना जाना चाहिए।
पुलिस की विस्तृत जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
